नमस्कार दोस्तों! जय श्री श्याम!
आज हम बात करने वाले हैं बाबा खाटू श्याम जी की सबसे लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी आरती – ॐ जय श्री श्याम हरे की। यह आरती ना सिर्फ़ राजस्थान-हरियाणा बल्कि पूरे भारत में लाखों भक्तों की जुबान पर रहती है। रोज़ सुबह-शाम मंदिरों में, घरों में, कार में, यह आरती गूँजती है और बाबा के दरबार में हाज़िरी लगवाती है।
खाटू श्याम जी की आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत,
अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
रतन जड़ित सिंहासन,
सिर पर चंवर ढुरे ।
तन केसरिया बागो,
कुण्डल श्रवण पड़े ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
गल पुष्पों की माला,
सिर पार मुकुट धरे ।
खेवत धूप अग्नि पर,
दीपक ज्योति जले ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
मोदक खीर चूरमा,
सुवरण थाल भरे ।
सेवक भोग लगावत,
सेवा नित्य करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
झांझ कटोरा और घडियावल,
शंख मृदंग घुरे ।
भक्त आरती गावे,
जय-जयकार करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
जो ध्यावे फल पावे,
सब दुःख से उबरे ।
सेवक जन निज मुख से,
श्री श्याम-श्याम उचरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
श्री श्याम बिहारी जी की आरती,
जो कोई नर गावे ।
कहत भक्त-जन,
मनवांछित फल पावे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
जय श्री श्याम हरे,
बाबा जी श्री श्याम हरे ।
निज भक्तों के तुमने,
पूरण काज करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत,
अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,
बाबा जय श्री श्याम हरे ।
– Khatu Shyam Ji Ki Aarti in Hindi (END)
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खाटू श्याम जी की भक्ति में डूबने के लिए अगर आप खाटू श्याम चालीसा हिंदी में पढ़ें और अपनी आस्था को और मजबूत बनाना चाहते हैं, तो यह एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है। वहीं, अगर आप इस दिव्य आरती को धुन के साथ सुनना या डाउनलोड करना चाहें, तो खाटू श्याम आरती MP3 पर जाकर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं – भक्ति का यह स्वर आपके मन को और शांत कर देगा।
दोस्तों, खाटू श्याम जी की यह आरती हमें याद दिलाती है कि हारे हुए का भी सहारा है – बस भरोसा रखना है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में, जहां हर कदम पर चुनौतियां हैं, यह आरती एक ऐसा पुल है जो आपको दिव्यता से जोड़ता है।
इसे अपनाएं, गाएं, और महसूस करें कि कैसे श्याम बाबा आपके हर कदम पर साथ हैं। अगर आप नौसिखिया हैं, तो रोजाना 10 मिनट दें – धीरे-धीरे यह आपकी आदत बन जाएगी। याद रखें, भक्ति कोई बोझ नहीं, बल्कि आनंद है।
जय श्री श्याम हरे!